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Q: खड़ीबोली हिन्दी का आधुनिककालीन प्रथम महाकाव्य है
  • A. साकेत
  • B. प्रियप्रवास
  • C. भारत भारती
  • D. कुरूक्षेत्र
Correct Answer: Option B - खड़ीबोली हिन्दी का आधुनिककालीन प्रथम महाकाव्य ‘प्रियप्रवास’ है। सन् 1914 ई. में अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ द्वारा रचित 17 सर्गो का प्रबंध काव्य है। ‘प्रियप्रवास’ का सर्वप्रथम नाम ‘ब्रजांगना विलाप’ था। यह संपूर्ण काव्य संस्कृत के वर्णवृत्तों पर आधारित है। इस प्रबंध काव्य में कृष्ण के बचपन से लेकर मथुरा प्रस्थान तक का वर्णन है।
B. खड़ीबोली हिन्दी का आधुनिककालीन प्रथम महाकाव्य ‘प्रियप्रवास’ है। सन् 1914 ई. में अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ द्वारा रचित 17 सर्गो का प्रबंध काव्य है। ‘प्रियप्रवास’ का सर्वप्रथम नाम ‘ब्रजांगना विलाप’ था। यह संपूर्ण काव्य संस्कृत के वर्णवृत्तों पर आधारित है। इस प्रबंध काव्य में कृष्ण के बचपन से लेकर मथुरा प्रस्थान तक का वर्णन है।

Explanations:

खड़ीबोली हिन्दी का आधुनिककालीन प्रथम महाकाव्य ‘प्रियप्रवास’ है। सन् 1914 ई. में अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ द्वारा रचित 17 सर्गो का प्रबंध काव्य है। ‘प्रियप्रवास’ का सर्वप्रथम नाम ‘ब्रजांगना विलाप’ था। यह संपूर्ण काव्य संस्कृत के वर्णवृत्तों पर आधारित है। इस प्रबंध काव्य में कृष्ण के बचपन से लेकर मथुरा प्रस्थान तक का वर्णन है।