Correct Answer:
Option C - स्कन्दक (coagulant) की अनुकूलतम मात्रा प्रयोगशाला में जार टेस्ट द्वारा की जाती है।
– इस परीक्षण में एक लीटर क्षमता वाले 6 बीकर लिये जाते है। जिनमें बराबर मात्रा में जल प्रतिदर्श (water sample) भर दिया जाता है। फिर प्रत्येक बीकर में अलग-अलग फिटकरी की मात्रा डाली जाती है।
– फिटकरी डालने के बाद 5 मिनट तक सभी पैडिलो को तेजी से (30 से 40 चक्र प्रति मिनट) की दर से घुमाया जाता है। फिर 15 मिनट तक धीरे-धीरे घुमाया जाता है।
– इसके पश्चात 1/2 घंटे तक जल को शांत रहने दिया जाता है ताकि ऊर्णिका (floc) नीचे तली पर बैठ जाय।
– सबसे कम फिटकरी की मात्रा के सम्बन्ध में जिस बीकर में सबसे अच्छी ऊर्णिका बने उस जल प्रतिदर्श के वहीं मात्रा स्कन्दक की अनूकुलतम मात्रा कहलाती है।
C. स्कन्दक (coagulant) की अनुकूलतम मात्रा प्रयोगशाला में जार टेस्ट द्वारा की जाती है।
– इस परीक्षण में एक लीटर क्षमता वाले 6 बीकर लिये जाते है। जिनमें बराबर मात्रा में जल प्रतिदर्श (water sample) भर दिया जाता है। फिर प्रत्येक बीकर में अलग-अलग फिटकरी की मात्रा डाली जाती है।
– फिटकरी डालने के बाद 5 मिनट तक सभी पैडिलो को तेजी से (30 से 40 चक्र प्रति मिनट) की दर से घुमाया जाता है। फिर 15 मिनट तक धीरे-धीरे घुमाया जाता है।
– इसके पश्चात 1/2 घंटे तक जल को शांत रहने दिया जाता है ताकि ऊर्णिका (floc) नीचे तली पर बैठ जाय।
– सबसे कम फिटकरी की मात्रा के सम्बन्ध में जिस बीकर में सबसे अच्छी ऊर्णिका बने उस जल प्रतिदर्श के वहीं मात्रा स्कन्दक की अनूकुलतम मात्रा कहलाती है।