Correct Answer:
Option B - मार्कण्डेयपुराणे देवी महात्म्यम् वर्णितमस्ति । मार्कण्डेय पुराण में ‘देवी माहात्म्य’ दुर्गा सप्तशती आदि आते हैं। मत्स्य पुराण की गणना 18 पुराणों में होती है इसमें भगवान विष्णु के प्रथम अवतार मत्स्यावतार की कथा वर्णित है इसमें 14000 श्लोक हैं। भविष्य पुराण 18 पुराणों में से एक है। विषयवस्तु एवं वर्णन शैली के दृष्टि से विशेष है, धर्म, सदाचार, नीति, उपदेश, वेताल विक्रम संवाद आदि प्राप्त होता है। मुख्य उपासना यहाँ सूर्य की प्राप्त होती है। इसमें लगभग 14000 श्लोक प्राप्त होते हैं।
B. मार्कण्डेयपुराणे देवी महात्म्यम् वर्णितमस्ति । मार्कण्डेय पुराण में ‘देवी माहात्म्य’ दुर्गा सप्तशती आदि आते हैं। मत्स्य पुराण की गणना 18 पुराणों में होती है इसमें भगवान विष्णु के प्रथम अवतार मत्स्यावतार की कथा वर्णित है इसमें 14000 श्लोक हैं। भविष्य पुराण 18 पुराणों में से एक है। विषयवस्तु एवं वर्णन शैली के दृष्टि से विशेष है, धर्म, सदाचार, नीति, उपदेश, वेताल विक्रम संवाद आदि प्राप्त होता है। मुख्य उपासना यहाँ सूर्य की प्राप्त होती है। इसमें लगभग 14000 श्लोक प्राप्त होते हैं।