Correct Answer:
Option B - जैनियों के अनुसार कर्म और बंधन से आत्मा को मुक्ति दिलाने के लिए पाँच महाव्रत– अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य तथा अपरिग्रह है। ‘अपरिग्रह’ का अर्थ गैर-अभिग्रहण अर्थात् कोई भी वस्तु संचित ना करना।
B. जैनियों के अनुसार कर्म और बंधन से आत्मा को मुक्ति दिलाने के लिए पाँच महाव्रत– अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य तथा अपरिग्रह है। ‘अपरिग्रह’ का अर्थ गैर-अभिग्रहण अर्थात् कोई भी वस्तु संचित ना करना।