Correct Answer:
Option C - नीतिशतकम् (भर्तृहरि) के 83वें श्लोक में यह स्पष्ट है कि `शील' सबका आभूषण है। शील ही एक ऐसा उत्कृष्ट आभूषण है, जो मनुष्य को शोभावर्द्धक साधनों से अत्यधिक शोभावान् बनाता है। इसीलिए कहा भी गया है – ‘शीलं सर्वस्याभूषणम्’।
C. नीतिशतकम् (भर्तृहरि) के 83वें श्लोक में यह स्पष्ट है कि `शील' सबका आभूषण है। शील ही एक ऐसा उत्कृष्ट आभूषण है, जो मनुष्य को शोभावर्द्धक साधनों से अत्यधिक शोभावान् बनाता है। इसीलिए कहा भी गया है – ‘शीलं सर्वस्याभूषणम्’।