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Q: किस समास में कोई भी शब्द प्रधान नहीं होता दोनों शब्द मिलाकर एक नया अर्थ प्रकट करते हैं?
  • A. द्वन्द्व समास
  • B. बहुव्रीहि समास
  • C. कर्मधारय समास
  • D. उपर्युक्त में से एक से अधिक
  • E. उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option B - जिस समास में कोई भी पद प्रधान नहीं होता है तथा दोनों पद मिलकर एक नया अर्थ प्रकट करते हैं, बहुव्रीहि समास कहलाता है। जैसे– समस्त पद विग्रह चक्रपाणि – चक्र है हाथ में जिसके अर्थात् विष्णु चतुर्भुज – चार हैं भुजाएँ जिसकी अर्थात् विष्णु नीलवंâठ – नीला है कंठ जिसका अर्थात् शिव
B. जिस समास में कोई भी पद प्रधान नहीं होता है तथा दोनों पद मिलकर एक नया अर्थ प्रकट करते हैं, बहुव्रीहि समास कहलाता है। जैसे– समस्त पद विग्रह चक्रपाणि – चक्र है हाथ में जिसके अर्थात् विष्णु चतुर्भुज – चार हैं भुजाएँ जिसकी अर्थात् विष्णु नीलवंâठ – नीला है कंठ जिसका अर्थात् शिव

Explanations:

जिस समास में कोई भी पद प्रधान नहीं होता है तथा दोनों पद मिलकर एक नया अर्थ प्रकट करते हैं, बहुव्रीहि समास कहलाता है। जैसे– समस्त पद विग्रह चक्रपाणि – चक्र है हाथ में जिसके अर्थात् विष्णु चतुर्भुज – चार हैं भुजाएँ जिसकी अर्थात् विष्णु नीलवंâठ – नीला है कंठ जिसका अर्थात् शिव