निम्नलिखित में द्वन्द्व समास बताइए?
____________ द्बारा रचित नागानंद, एक संस्कृत नाटक है, जिसमे नागों को बचाने के लिए विद्याधर राजा जिमुतवाहन के आत्म-बलिदान की लोकप्रिय गाथा का वर्णन है।
‘‘लखनऊ उत्सव’’ जिसे अब ‘‘लखनऊ महोत्सव’’ कहा जाता है प्रारंभ हुआ -
जॉन सेनेफील्डर ने किसका आविष्कार किया?
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आपको एक प्रश्न और कुछ कथन दिए गए हैं। निर्णय कीजिए की कौन से कथन प्रश्न का उत्तर देने के लिए पर्याप्त हैं। प्रश्न: चार बच्चे A, B, C और D एक ही कॉलोनी में रहते हैं। इसमें से सबसे भारी कौन है? कथन: 1. A, C और D से भारी है। 2. इनमें से D सबसे हल्का है। 3. B, A से अधिक भारी है।
बंगाल और बिहार में भूमि पर किरायेदारों के अधिकार को बंगाल किरायादारी अधिनियम द्वारा कब स्वीकार किया गया?
What should be the recommended size of frog provided in the standard brick?
निर्देश: गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों (प्रं.सं. 237-242) में सबसे उचित विकल्प चुनिए। लोक कथाएँ हमारे आम जीवन में सदियों से रची-बसी हैं। इन्हें हम अपने बड़े-बूढ़ों से बचपन से ही सुनते आ रहे हैं। लोक कथाओं के बारे में यह भी कहा जाता हैं कि बचपन के शुरूआती वर्षों में बच्चों को अपने परिवेश की महक, सोच व कल्पना की उड़ान देने के लिए इनका उपयोग जरूरी है। हम यह भी सुनते हैं कि बच्चों के भाषा के विकास के संदर्भ में भी इन कथाओं की उपयोगिता महत्वपूर्ण है। ऐसा इसलिए कहा जाता है क्योंकि इन लोक कथाओं के विभिन्न रूपों में हमें लोक जीवन के तत्त्व मिलते हैं जो बच्चों के भाषा विकास में उल्लेखनीय भूमिका निभाते हैं। अगर हम अपनी पढ़ी हुई लोक कथाओं को याद करें तो सहजता से हमें इनके कई उदाहरण मिल जाते हैं। जब हम कहानी सुना रहे होते हैं तो बच्चों से हमारी यह अपेक्षा रहती है कि वे पहली घटी घटनाओं को जरूर दोहराएँ। बच्चे भी घटना को याद रखते हुए साथ-साथ मजे से दोहराते हैं। इस तरह कथा सुनाने की इस प्रक्रिया में बच्चे इन घटनाओं को एक क्रम में रखकर देखते हैं। इन क्रमिक घटनाओं में एक तर्वâ होता है जो बच्चों के मनोभावों से मिलता-जुलता है। (क्या बताती हैं लोक कथाएँ–कमलेश चंद्र जोशी)अनुच्छेद के आधार पर कहा जा सकता है कि इसका मुख्य बिन्दु है–
परवलय y² =4x की सभी जीवाओं के मध्य बिन्दुओं का बिन्दुपथ क्या होगा? यदि जीवाएं शीर्ष से खीचीं गयी हैं–
Explanations:
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