Correct Answer:
Option B - हर्षवर्धन (606–647 ई०) कन्नौज का प्रतापी सम्राट था। वह साहित्य व कला का पोषक था। उसने संस्कृत में तीन नाटकों की रचना की – रत्नावली, नागानन्द तथा प्रियदर्शिका। नागानन्द में नागों को बचाने के लिए विद्याधर राजा जीमुतवाहन के आत्म-बलिदान की लोकप्रिय गाथा का वर्णन किया गया है।
B. हर्षवर्धन (606–647 ई०) कन्नौज का प्रतापी सम्राट था। वह साहित्य व कला का पोषक था। उसने संस्कृत में तीन नाटकों की रचना की – रत्नावली, नागानन्द तथा प्रियदर्शिका। नागानन्द में नागों को बचाने के लिए विद्याधर राजा जीमुतवाहन के आत्म-बलिदान की लोकप्रिय गाथा का वर्णन किया गया है।