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Q: ____________ द्बारा रचित नागानंद, एक संस्कृत नाटक है, जिसमे नागों को बचाने के लिए विद्याधर राजा जिमुतवाहन के आत्म-बलिदान की लोकप्रिय गाथा का वर्णन है।
  • A. अशोक
  • B. हर्ष
  • C. चंद्र गुप्त प्रथम
  • D. बिंदुसार
Correct Answer: Option B - हर्षवर्धन (606–647 ई०) कन्नौज का प्रतापी सम्राट था। वह साहित्य व कला का पोषक था। उसने संस्कृत में तीन नाटकों की रचना की – रत्नावली, नागानन्द तथा प्रियदर्शिका। नागानन्द में नागों को बचाने के लिए विद्याधर राजा जीमुतवाहन के आत्म-बलिदान की लोकप्रिय गाथा का वर्णन किया गया है।
B. हर्षवर्धन (606–647 ई०) कन्नौज का प्रतापी सम्राट था। वह साहित्य व कला का पोषक था। उसने संस्कृत में तीन नाटकों की रचना की – रत्नावली, नागानन्द तथा प्रियदर्शिका। नागानन्द में नागों को बचाने के लिए विद्याधर राजा जीमुतवाहन के आत्म-बलिदान की लोकप्रिय गाथा का वर्णन किया गया है।

Explanations:

हर्षवर्धन (606–647 ई०) कन्नौज का प्रतापी सम्राट था। वह साहित्य व कला का पोषक था। उसने संस्कृत में तीन नाटकों की रचना की – रत्नावली, नागानन्द तथा प्रियदर्शिका। नागानन्द में नागों को बचाने के लिए विद्याधर राजा जीमुतवाहन के आत्म-बलिदान की लोकप्रिय गाथा का वर्णन किया गया है।