Correct Answer:
Option D - श्रीहर्ष द्वारा रचित `नैषधीयचरितम्' महाकाव्य को विद्वानों के लिए औषधि माना जाता है। श्रृंगार रस प्रधान 22 सर्ग वाले नाटक का उपजीव्य महाभारत का नलोपाख्यान है जिसमें नल-दमयन्ती का प्रणय वर्णन की विशेषता है। `किरातार्जुनीयम्' महाकाव्य की रचना भारवि ने `शिशुपालवधम्' की रचना माघ ने तथा `रघुवंशम्' महाकवि कालिदास द्वारा रचित महाकाव्य है।
D. श्रीहर्ष द्वारा रचित `नैषधीयचरितम्' महाकाव्य को विद्वानों के लिए औषधि माना जाता है। श्रृंगार रस प्रधान 22 सर्ग वाले नाटक का उपजीव्य महाभारत का नलोपाख्यान है जिसमें नल-दमयन्ती का प्रणय वर्णन की विशेषता है। `किरातार्जुनीयम्' महाकाव्य की रचना भारवि ने `शिशुपालवधम्' की रचना माघ ने तथा `रघुवंशम्' महाकवि कालिदास द्वारा रचित महाकाव्य है।