Correct Answer:
Option B - एक सेमीकंडक्टर (अर्द्धचालक) में प्राय: 4 संयोजी इलेक्ट्रॉन होते है। अर्द्धचालक वे पदार्थ होते है जिनकी प्रतिरोधकता चालकों व कुचालकों के बीच की होती है, इसमें Forbidden energy Gap का मान लगभग 1eV होता है तथा अद्र्धचालकों के संयोजी कक्षा (Valence orbit) में 4 इलेक्ट्रॉन होते है। जैसे:- सिलिकॉन, जर्मेनियम।
B. एक सेमीकंडक्टर (अर्द्धचालक) में प्राय: 4 संयोजी इलेक्ट्रॉन होते है। अर्द्धचालक वे पदार्थ होते है जिनकी प्रतिरोधकता चालकों व कुचालकों के बीच की होती है, इसमें Forbidden energy Gap का मान लगभग 1eV होता है तथा अद्र्धचालकों के संयोजी कक्षा (Valence orbit) में 4 इलेक्ट्रॉन होते है। जैसे:- सिलिकॉन, जर्मेनियम।