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Q: शेरशाह सूरी अथवा शेर खान का असली नाम क्या था?
  • A. फरीद
  • B. जमाल
  • C. जलाल-उद्-दीन
  • D. अबुल-फथ
Correct Answer: Option A - शेरशाह सूरी (1540-1545 ई.) ने सूर वंश की स्थापना 1540 ई. में की थी। शेरशाह के बचपन का नाम फरीद खाँ था। उसके पिता हसन खाँ जौनपुर में एक छोटे जमींदार थे। फरीद ने पिता की जागीर सम्भालते हुये काफी प्रशासनिक अनुभव प्राप्त किया। ‘शेर खाँ’ की उपाधि बिहार के सूबेदार बहार खाँ लोहानी ने उसे एक शेर मारने के उपरांत प्रदान की थी।
A. शेरशाह सूरी (1540-1545 ई.) ने सूर वंश की स्थापना 1540 ई. में की थी। शेरशाह के बचपन का नाम फरीद खाँ था। उसके पिता हसन खाँ जौनपुर में एक छोटे जमींदार थे। फरीद ने पिता की जागीर सम्भालते हुये काफी प्रशासनिक अनुभव प्राप्त किया। ‘शेर खाँ’ की उपाधि बिहार के सूबेदार बहार खाँ लोहानी ने उसे एक शेर मारने के उपरांत प्रदान की थी।

Explanations:

शेरशाह सूरी (1540-1545 ई.) ने सूर वंश की स्थापना 1540 ई. में की थी। शेरशाह के बचपन का नाम फरीद खाँ था। उसके पिता हसन खाँ जौनपुर में एक छोटे जमींदार थे। फरीद ने पिता की जागीर सम्भालते हुये काफी प्रशासनिक अनुभव प्राप्त किया। ‘शेर खाँ’ की उपाधि बिहार के सूबेदार बहार खाँ लोहानी ने उसे एक शेर मारने के उपरांत प्रदान की थी।