Correct Answer:
Option D - • टीसेरेई छोटे रंगीन घन है प्रारंभिक गोथिक मोजेक कला की विद्या प्रचलित थी।
• गोथिक चित्र शैली की प्रमुख विशेषता रंजित कांच की खिड़कियाँ थी।
• स्टेन ग्लास विद्या का विकास गोथिक युग में हुआ।
• गोथिक शैली का आरंभ 12वीं शताब्दी में फ्रांस में हुआ।
• गोथिक शैली के दरवाजे तथा खिड़कियों का शीर्ष भाग नुकीला मेहराब प्रकार का है।
• गोथिक शैली का चित्रकार मास्टर ऑफ मोलिंस ने इन्द्रधनुषी रंगों में चित्रण किया।
D. • टीसेरेई छोटे रंगीन घन है प्रारंभिक गोथिक मोजेक कला की विद्या प्रचलित थी।
• गोथिक चित्र शैली की प्रमुख विशेषता रंजित कांच की खिड़कियाँ थी।
• स्टेन ग्लास विद्या का विकास गोथिक युग में हुआ।
• गोथिक शैली का आरंभ 12वीं शताब्दी में फ्रांस में हुआ।
• गोथिक शैली के दरवाजे तथा खिड़कियों का शीर्ष भाग नुकीला मेहराब प्रकार का है।
• गोथिक शैली का चित्रकार मास्टर ऑफ मोलिंस ने इन्द्रधनुषी रंगों में चित्रण किया।