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Q: किस अनुच्छेद के अंतर्गत् संसद संविधान में संशोधन कर सकती है?
  • A. अनुच्छेद 269
  • B. अनुच्छेद 74
  • C. अनुच्छेद 368
  • D. अनुच्छेद 374
Correct Answer: Option C - भारतीय संविधान के भाग 20 के अंतर्गत अनुच्छेद 368 में संसद को संविधान एवं इसकी व्यवस्था में संशोधन की शक्ति प्रदान की गई है। यह उल्लिखित करता है कि संसद अपनी संविधायी शक्ति का प्रयोग करते हुए इस संविधान के किसी उपबंध का परिवद्र्धन, परिवर्तन या निरसन के रूप में संशोधन कर सकती है। संविधान की उन व्यवस्थाओं में संशोधन नहीं किया जा सकता जो मूल ढांचे से संबंधित हो। यह व्यवस्था उच्चतम न्यायालय द्वारा केशवानंद भारती मामले (1973) में दी गई थी।
C. भारतीय संविधान के भाग 20 के अंतर्गत अनुच्छेद 368 में संसद को संविधान एवं इसकी व्यवस्था में संशोधन की शक्ति प्रदान की गई है। यह उल्लिखित करता है कि संसद अपनी संविधायी शक्ति का प्रयोग करते हुए इस संविधान के किसी उपबंध का परिवद्र्धन, परिवर्तन या निरसन के रूप में संशोधन कर सकती है। संविधान की उन व्यवस्थाओं में संशोधन नहीं किया जा सकता जो मूल ढांचे से संबंधित हो। यह व्यवस्था उच्चतम न्यायालय द्वारा केशवानंद भारती मामले (1973) में दी गई थी।

Explanations:

भारतीय संविधान के भाग 20 के अंतर्गत अनुच्छेद 368 में संसद को संविधान एवं इसकी व्यवस्था में संशोधन की शक्ति प्रदान की गई है। यह उल्लिखित करता है कि संसद अपनी संविधायी शक्ति का प्रयोग करते हुए इस संविधान के किसी उपबंध का परिवद्र्धन, परिवर्तन या निरसन के रूप में संशोधन कर सकती है। संविधान की उन व्यवस्थाओं में संशोधन नहीं किया जा सकता जो मूल ढांचे से संबंधित हो। यह व्यवस्था उच्चतम न्यायालय द्वारा केशवानंद भारती मामले (1973) में दी गई थी।