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Q: अपकेन्द्रीय पम्प केसिंग में द्रव का प्रवाह इंम्पेलर पर होता है :
  • A. सीधे रेखीय प्रवाह
  • B. अरीय प्रवाह
  • C. स्वतंत्र भंवर प्रवाह
  • D. बलपूर्ण प्रवाह
Correct Answer: Option C - अपकेन्द्रीय पम्प गतिज दाब पम्प होता है तथा अपनी क्रिया के लिए अपकेन्द्रीय बल पर निर्भर करता है। अपकेन्द्रीय पम्प में अन्तरनोदक द्रव इम्पेलर के केन्द्र पर प्रवेश करता है इसे नेल्फ कहा जाता है तथा इसी स्थान पर चूषण (Suction) पाइप लगा रहता है। अपकेन्द्रीय बल से अन्तरनोदक के केन्द्र का पानी उसकी परिधि की ओर जाती है जिससे केन्द्र पर निर्वात उत्पन्न होता है। फलस्वरूप चूषण पाइप का द्रव अन्तरनोदक के नेत्र की ओर स्वतंत्र भंवर के रूप में प्रवाहित होने लगता है। अपकेन्द्रीय पम्पों की दक्षता 75 से 88 प्रतिशत तक होती है।
C. अपकेन्द्रीय पम्प गतिज दाब पम्प होता है तथा अपनी क्रिया के लिए अपकेन्द्रीय बल पर निर्भर करता है। अपकेन्द्रीय पम्प में अन्तरनोदक द्रव इम्पेलर के केन्द्र पर प्रवेश करता है इसे नेल्फ कहा जाता है तथा इसी स्थान पर चूषण (Suction) पाइप लगा रहता है। अपकेन्द्रीय बल से अन्तरनोदक के केन्द्र का पानी उसकी परिधि की ओर जाती है जिससे केन्द्र पर निर्वात उत्पन्न होता है। फलस्वरूप चूषण पाइप का द्रव अन्तरनोदक के नेत्र की ओर स्वतंत्र भंवर के रूप में प्रवाहित होने लगता है। अपकेन्द्रीय पम्पों की दक्षता 75 से 88 प्रतिशत तक होती है।

Explanations:

अपकेन्द्रीय पम्प गतिज दाब पम्प होता है तथा अपनी क्रिया के लिए अपकेन्द्रीय बल पर निर्भर करता है। अपकेन्द्रीय पम्प में अन्तरनोदक द्रव इम्पेलर के केन्द्र पर प्रवेश करता है इसे नेल्फ कहा जाता है तथा इसी स्थान पर चूषण (Suction) पाइप लगा रहता है। अपकेन्द्रीय बल से अन्तरनोदक के केन्द्र का पानी उसकी परिधि की ओर जाती है जिससे केन्द्र पर निर्वात उत्पन्न होता है। फलस्वरूप चूषण पाइप का द्रव अन्तरनोदक के नेत्र की ओर स्वतंत्र भंवर के रूप में प्रवाहित होने लगता है। अपकेन्द्रीय पम्पों की दक्षता 75 से 88 प्रतिशत तक होती है।