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Q: करुण रस प्रधान नाटक है–
  • A. मुद्राराक्षस
  • B. उत्तररामचरित
  • C. मालवीमाधव
  • D. अभिज्ञान शाकुन्तल
Correct Answer: Option B - उत्तररामचरित भवभूति का करुण रस प्रधान नाटक है। इसमें विवरणात्मक, व्याख्यात्मक और वाच्यार्थ प्रधान शैली का प्रयोग किया गया है। इसमें कुल 7 अङ्क एवं 256 श्लोक हैं।
B. उत्तररामचरित भवभूति का करुण रस प्रधान नाटक है। इसमें विवरणात्मक, व्याख्यात्मक और वाच्यार्थ प्रधान शैली का प्रयोग किया गया है। इसमें कुल 7 अङ्क एवं 256 श्लोक हैं।

Explanations:

उत्तररामचरित भवभूति का करुण रस प्रधान नाटक है। इसमें विवरणात्मक, व्याख्यात्मक और वाच्यार्थ प्रधान शैली का प्रयोग किया गया है। इसमें कुल 7 अङ्क एवं 256 श्लोक हैं।