Correct Answer:
Option B - कर्मधारय समास तत्पुरुष समास का ही एक भेद है। ऐसा तत्पुरुष समास जिसमें ‘समास में आए हुए’ दोनों शब्दों का समानाधिकरण हो, समानाधिकरण तत्पुरुष समास अथवा कर्मधारय तत्पुरुष कहलाता है। अर्थात् यदि तत्पुरुष समास के पूर्वपद और उत्तरपद का आधार एक ही होता है, तो उसे ‘कर्मधारय’ समास कहते हैं। उदाहरण के लिए नीलोत्पत्र (नीला कमल) – इस तत्पुरुष समास में नीलापन और कमल का आधार एक ही फूल है, अत: यह ‘कर्मधारय संज्ञक’ होगा।
B. कर्मधारय समास तत्पुरुष समास का ही एक भेद है। ऐसा तत्पुरुष समास जिसमें ‘समास में आए हुए’ दोनों शब्दों का समानाधिकरण हो, समानाधिकरण तत्पुरुष समास अथवा कर्मधारय तत्पुरुष कहलाता है। अर्थात् यदि तत्पुरुष समास के पूर्वपद और उत्तरपद का आधार एक ही होता है, तो उसे ‘कर्मधारय’ समास कहते हैं। उदाहरण के लिए नीलोत्पत्र (नीला कमल) – इस तत्पुरुष समास में नीलापन और कमल का आधार एक ही फूल है, अत: यह ‘कर्मधारय संज्ञक’ होगा।