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Q: स्थायी भावों की संख्या कितनी है?
  • A. 10
  • B. 11
  • C. 12
  • D. 9
Correct Answer: Option D - रस की उत्पत्ति मन की विभिन्न प्रवृत्तियों से होती है। इन प्रवृत्तियों को स्थायी भाव कहते हैं। सर्वप्रथम भरतमुनि ने '8' स्थायी भाव की चर्चा की थी, किन्तु परवर्ती आचार्य मम्मट और अभिनव गुप्त ने निर्वेद नामक स्थायी भाव की चर्चा की। अत: स्थायी भाव की संख्या '9' मानी गयी है।
D. रस की उत्पत्ति मन की विभिन्न प्रवृत्तियों से होती है। इन प्रवृत्तियों को स्थायी भाव कहते हैं। सर्वप्रथम भरतमुनि ने '8' स्थायी भाव की चर्चा की थी, किन्तु परवर्ती आचार्य मम्मट और अभिनव गुप्त ने निर्वेद नामक स्थायी भाव की चर्चा की। अत: स्थायी भाव की संख्या '9' मानी गयी है।

Explanations:

रस की उत्पत्ति मन की विभिन्न प्रवृत्तियों से होती है। इन प्रवृत्तियों को स्थायी भाव कहते हैं। सर्वप्रथम भरतमुनि ने '8' स्थायी भाव की चर्चा की थी, किन्तु परवर्ती आचार्य मम्मट और अभिनव गुप्त ने निर्वेद नामक स्थायी भाव की चर्चा की। अत: स्थायी भाव की संख्या '9' मानी गयी है।