Correct Answer:
Option C - शुद्ध अर्धचालकों में इलेक्ट्रॉनो और छिद्रों की गतिशीलता उनके प्रभावी द्रव्यमान पर निर्भर करती है। इलेक्ट्रॅनो का प्रभावी द्रव्यमान छिद्रो की तुलना मे कम होता है इसलिए इलेक्ट्रॉनो मे छिद्रो की तुलना मे अधिक गतिशीलता होती है।
इलेक्ट्रॉनो का संचालन कंडक्शन बैंड (Conduction band) मे होता है और संयोजक बैंड (valence band) मे छिद्रों का संचालन होता है क्योंकि संयोजक इलेक्ट्रॉनो पर नाभिक का खिंचाव अधिक होता है, इलेक्ट्रॉनो की तुलना मे छिद्रों को स्थानांतरित करने के लिए अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है। इसलिए छिद्रों की तुलना मे इलेक्ट्रॉनो की गतिशीलता अधिक होती है।
C. शुद्ध अर्धचालकों में इलेक्ट्रॉनो और छिद्रों की गतिशीलता उनके प्रभावी द्रव्यमान पर निर्भर करती है। इलेक्ट्रॅनो का प्रभावी द्रव्यमान छिद्रो की तुलना मे कम होता है इसलिए इलेक्ट्रॉनो मे छिद्रो की तुलना मे अधिक गतिशीलता होती है।
इलेक्ट्रॉनो का संचालन कंडक्शन बैंड (Conduction band) मे होता है और संयोजक बैंड (valence band) मे छिद्रों का संचालन होता है क्योंकि संयोजक इलेक्ट्रॉनो पर नाभिक का खिंचाव अधिक होता है, इलेक्ट्रॉनो की तुलना मे छिद्रों को स्थानांतरित करने के लिए अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है। इसलिए छिद्रों की तुलना मे इलेक्ट्रॉनो की गतिशीलता अधिक होती है।