Correct Answer:
Option C - ऋ एवं ऌ की परस्पर सवर्ण संज्ञा होती है। ‘तुल्यास्यप्रयत्नं सवर्णम्’ सूत्र के अनुसार जब दो या उससे अधिक वर्णों के उच्चारण स्थान (मुख विवर में स्थित ताल्वादि) और आभ्यन्तर प्रयत्न समान या एक हों तो उन्हें परस्पर ‘सवर्ण’ कहते हैं।
C. ऋ एवं ऌ की परस्पर सवर्ण संज्ञा होती है। ‘तुल्यास्यप्रयत्नं सवर्णम्’ सूत्र के अनुसार जब दो या उससे अधिक वर्णों के उच्चारण स्थान (मुख विवर में स्थित ताल्वादि) और आभ्यन्तर प्रयत्न समान या एक हों तो उन्हें परस्पर ‘सवर्ण’ कहते हैं।