Correct Answer:
Option D - व्याख्या मुद्राराक्षस’ नाटक भाष का नहीं है। ‘मुद्राराक्षस’ विशाखदत्त द्वारा रचित नाटक है। भाष द्वारा रचित कुल 13 नाटक है। जिसमें दो रामकथाश्रित नाटक (1) प्रतिमानाटक (2) अभिषेक तथा सात महाभारत कथाश्रित नाटक- (1) उरुभङ्गम (2) दूतवाक्य(3) पंचरात्रम् (4) दूतघटोत्कच (5) कर्णभार (6) मध्यमव्यायोग (7) बाल चरित्र तथा दो लोक कथाश्रित नाटक (1) प्रतिज्ञायौगन्धरायण (2) स्वप्नवासवदत्ता तथा इसके अतिरिक्त दो कल्पनाश्रित नाटक (1) अविमारक (2) चारुदत्तम् की रचना की है।
D. व्याख्या मुद्राराक्षस’ नाटक भाष का नहीं है। ‘मुद्राराक्षस’ विशाखदत्त द्वारा रचित नाटक है। भाष द्वारा रचित कुल 13 नाटक है। जिसमें दो रामकथाश्रित नाटक (1) प्रतिमानाटक (2) अभिषेक तथा सात महाभारत कथाश्रित नाटक- (1) उरुभङ्गम (2) दूतवाक्य(3) पंचरात्रम् (4) दूतघटोत्कच (5) कर्णभार (6) मध्यमव्यायोग (7) बाल चरित्र तथा दो लोक कथाश्रित नाटक (1) प्रतिज्ञायौगन्धरायण (2) स्वप्नवासवदत्ता तथा इसके अतिरिक्त दो कल्पनाश्रित नाटक (1) अविमारक (2) चारुदत्तम् की रचना की है।