Correct Answer:
Option B - आवाह क्षेत्र (Catchment Area):- भूमि का वह पूर्ण क्षेत्रफल जहॉ से अतिरिक्त वर्षा-जल बहता हुआ नदी, नालों में आ पड़ता है, नदी-नाले का आवाह क्षेत्र कहलाता है। नदियाँ अपना पानी अपने-अपने आवाह क्षेत्र से प्राप्त करती है। अतः अलग-अलग नदियो का आवाह क्षेत्र भी अलग-अलग होता है।नदी के किसी बिन्दु के ऊपर का पूर्ण क्षेत्रफल जो दोनो ओर की पन-विभाजक रेखाओं (Watershed lines) के मध्य घिरा होता है तथा नदी को अपना अतिरिक्त पानी प्रदान करता है, उस नदी का आवाह क्षेत्र माना जाता है। आवाह क्षेत्र को जल- ग्रहण क्षेत्र, ड्रेनेज क्षेत्र (drainage area) अथवा पन-विभाजक क्षेत्र (Water -shed area) भी कहते हैं।
B. आवाह क्षेत्र (Catchment Area):- भूमि का वह पूर्ण क्षेत्रफल जहॉ से अतिरिक्त वर्षा-जल बहता हुआ नदी, नालों में आ पड़ता है, नदी-नाले का आवाह क्षेत्र कहलाता है। नदियाँ अपना पानी अपने-अपने आवाह क्षेत्र से प्राप्त करती है। अतः अलग-अलग नदियो का आवाह क्षेत्र भी अलग-अलग होता है।नदी के किसी बिन्दु के ऊपर का पूर्ण क्षेत्रफल जो दोनो ओर की पन-विभाजक रेखाओं (Watershed lines) के मध्य घिरा होता है तथा नदी को अपना अतिरिक्त पानी प्रदान करता है, उस नदी का आवाह क्षेत्र माना जाता है। आवाह क्षेत्र को जल- ग्रहण क्षेत्र, ड्रेनेज क्षेत्र (drainage area) अथवा पन-विभाजक क्षेत्र (Water -shed area) भी कहते हैं।