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Q: ‘कुमार! यह मृत्यु और निर्वासन का सुख, यह तुम अकेले ही लोगे यह नहीं हो सकता।’-किस नाटक की पंक्ति है?
  • A. जनमेजय का नागयज्ञ
  • B. एक घूँट
  • C. कामना
  • D. ध्रुवस्वामिनी
Correct Answer: Option D - उपर्युक्त पंक्ति ‘ध्रुवस्वामिनी’ नाटक का है। 19333 ई. में रचित ध्रुवस्वामिनी नाटक के लेखक जयशंकर प्रसाद हैं। यह नाटक विशाख के ‘देवीचन्द्रगुप्त’ के आधार पर लिखा गया है। जबकि जनमेजय का नागयज्ञ, एक घूँट, कामना आदि जयशंकर प्रसाद के ही नाटक हैं।
D. उपर्युक्त पंक्ति ‘ध्रुवस्वामिनी’ नाटक का है। 19333 ई. में रचित ध्रुवस्वामिनी नाटक के लेखक जयशंकर प्रसाद हैं। यह नाटक विशाख के ‘देवीचन्द्रगुप्त’ के आधार पर लिखा गया है। जबकि जनमेजय का नागयज्ञ, एक घूँट, कामना आदि जयशंकर प्रसाद के ही नाटक हैं।

Explanations:

उपर्युक्त पंक्ति ‘ध्रुवस्वामिनी’ नाटक का है। 19333 ई. में रचित ध्रुवस्वामिनी नाटक के लेखक जयशंकर प्रसाद हैं। यह नाटक विशाख के ‘देवीचन्द्रगुप्त’ के आधार पर लिखा गया है। जबकि जनमेजय का नागयज्ञ, एक घूँट, कामना आदि जयशंकर प्रसाद के ही नाटक हैं।