Explanations:
अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार के अवसर लागत सिद्धांत का प्रतिपादन हैबरलर ने किया। हैबरलर ने विभिन्न लागत स्थितियों के अन्तर्गत दो वस्तुओं के बीच विनिमय अनुपात का निर्धारण उत्पादन संभावना वक्र की सहायता से किया, जो निम्नवत् हैं– 1. स्थिर लागत दशा के अन्तर्गत उत्पादन संभावना वक्र बायें से दाएं गिरती हुई एक सीधी रेखा होती है। इस स्थिति में दोनों देशों को अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार से लाभ होगा एवं उत्पादन में पूर्ण विशिष्टीकरण होगा। 2. घटती अवसर लागत की स्थिति में उत्पादन संभावना वक्र मूल बिन्दु के प्रति नतोदर होता है। इसके तहत व्यापार में संलग्न देश पूर्ण विशिष्टीकरण अपनाते हैं। 3. बढ़ती अवसर लागत की दशा में उत्पादन संभावना वक्र मूल बिन्दु के प्रति नतोदर होता है। इसके अन्तर्गत व्यापार में संलग्न देश आंशिक विशिष्टीकरण अपनाते हैं।