search
Q: कक्षा V में भिन्नों के योग की अवधारणा का परिचय कराते हुए, गणित की एक शिक्षिका दलजीत, एक समस्या को हल करने के लिए केवल सही मानक क्रियाविधि के उपयोग पर बल देती हैं। वह सिखाई गई कलन-विधि से, अपने शिक्षार्थियों को कई प्रश्न अभ्यास के लिए देती है। गणित की एक शिक्षिका के रूप में, दलजीत दर्शाती है
  • A. संबंधात्मक समझ।
  • B. यांत्रिक समझ।
  • C. अपने शिक्षार्थियों की आवश्यकाताअ‍ें की समझ।
  • D. भिन्नों के योग में अपने शिक्षार्थियों द्वारा की गई त्रुटियों की समझ।
Correct Answer: Option B - कक्षा V में भिन्नों के योग की अवधारणा का परिचय कराते हुए, शिक्षका एक समस्या को हल करने के लिए केवल सही मानक (नियम) या मूल सूत्र क्रिया विधि के उपयोग पर बल देती है और सिखाई गई कलनविधि से शिक्षार्थियों को अभ्यास के प्रश्न देती है। इस प्रक्रिया के द्वारा शिक्षिका केवल यांत्रिक समझ पर बल दे रही है। नोट– गणित को सूत्रों और यांत्रिक क्रियाओं तक सीमित रखना एक गणित शिक्षक के लिए असार्थक है।
B. कक्षा V में भिन्नों के योग की अवधारणा का परिचय कराते हुए, शिक्षका एक समस्या को हल करने के लिए केवल सही मानक (नियम) या मूल सूत्र क्रिया विधि के उपयोग पर बल देती है और सिखाई गई कलनविधि से शिक्षार्थियों को अभ्यास के प्रश्न देती है। इस प्रक्रिया के द्वारा शिक्षिका केवल यांत्रिक समझ पर बल दे रही है। नोट– गणित को सूत्रों और यांत्रिक क्रियाओं तक सीमित रखना एक गणित शिक्षक के लिए असार्थक है।

Explanations:

कक्षा V में भिन्नों के योग की अवधारणा का परिचय कराते हुए, शिक्षका एक समस्या को हल करने के लिए केवल सही मानक (नियम) या मूल सूत्र क्रिया विधि के उपयोग पर बल देती है और सिखाई गई कलनविधि से शिक्षार्थियों को अभ्यास के प्रश्न देती है। इस प्रक्रिया के द्वारा शिक्षिका केवल यांत्रिक समझ पर बल दे रही है। नोट– गणित को सूत्रों और यांत्रिक क्रियाओं तक सीमित रखना एक गणित शिक्षक के लिए असार्थक है।