Correct Answer:
Option A - कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में ब्रिटिश सरकार को दी गयी एक वर्ष की समय सीमा (डोमिनियन स्टेटस के सन्दर्भ में) समाप्त हो जाने के बाद 31 दिसम्बर 1929 ई. को काँग्रेस के लाहौर अधिवेशन में पूर्ण स्वराज की मांग की गयी जिसकी अध्यक्षता पण्डित जवाहर लाल नेहरू ने की थी। इस बैठक में निर्णय किया गया कि 26 जनवरी 1930 का दिन पूर्ण स्वराज दिवस के रूप में मनाया जायेगा।
A. कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में ब्रिटिश सरकार को दी गयी एक वर्ष की समय सीमा (डोमिनियन स्टेटस के सन्दर्भ में) समाप्त हो जाने के बाद 31 दिसम्बर 1929 ई. को काँग्रेस के लाहौर अधिवेशन में पूर्ण स्वराज की मांग की गयी जिसकी अध्यक्षता पण्डित जवाहर लाल नेहरू ने की थी। इस बैठक में निर्णय किया गया कि 26 जनवरी 1930 का दिन पूर्ण स्वराज दिवस के रूप में मनाया जायेगा।