Correct Answer:
Option D - विधिलिङ्ग लकारस्य क्रियापदं – ‘त्यजेयु:’ अस्ति। अर्थात् – विधिलिङ्ग लकार का क्रियापद ‘त्यजेयु:’ है। ‘त्यजेयु:’ पद त्यज् धातु (छोड़ना) विधिलिङ्ग लकार, प्रथम पुरुष, बहुवचन के अन्तर्गत आता है। आसीत् ‘अस्’ धातु (होना) परस्मैपदी लङ्लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन, वसाम: ‘वस्’ धातु (रहना) परस्मैपदी वर्तमानकाल (लट्लकार), उत्तम पुरुष, बहुवचन और स्थास्याम: ‘स्था’ (तिष्ठ) परस्मैपदी (ठहरना/प्रतीक्षा करना) भविष्यत्काल (लृट्लकार) उत्तम पुरुष, बहुवचन के अन्तर्गत आता है।
D. विधिलिङ्ग लकारस्य क्रियापदं – ‘त्यजेयु:’ अस्ति। अर्थात् – विधिलिङ्ग लकार का क्रियापद ‘त्यजेयु:’ है। ‘त्यजेयु:’ पद त्यज् धातु (छोड़ना) विधिलिङ्ग लकार, प्रथम पुरुष, बहुवचन के अन्तर्गत आता है। आसीत् ‘अस्’ धातु (होना) परस्मैपदी लङ्लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन, वसाम: ‘वस्’ धातु (रहना) परस्मैपदी वर्तमानकाल (लट्लकार), उत्तम पुरुष, बहुवचन और स्थास्याम: ‘स्था’ (तिष्ठ) परस्मैपदी (ठहरना/प्रतीक्षा करना) भविष्यत्काल (लृट्लकार) उत्तम पुरुष, बहुवचन के अन्तर्गत आता है।