Correct Answer:
Option D - समता (एन.जी.ओ.) बनाम आन्ध्र प्रदेश राज्य के मामले में एक समतावादी सामाजिक व्यवस्था की स्थापना को संविधान की मूल संरचना के रूप में माना गया था। आदिवासी अधिकारों के लिए दक्षिण भारत के एक एनजीओ समता ने भारत के सर्वोच्च न्यायालय में एक विशेष अवकाश याचिका दायर की और सुप्रीम कोर्ट ने 1997 में यह निर्णय सुनाया कि आदिवासियों की भूमि और वन भूमि को गैर-आदिवासियों या निजी कंपनियों को खनन या औद्योगिक दुनिया के लिए पट्टे पर नहीं दिया जा सकता है, ऐसे काम केवल आदिवासी या सरकारी उपक्रम ही कर सकते हैं।
D. समता (एन.जी.ओ.) बनाम आन्ध्र प्रदेश राज्य के मामले में एक समतावादी सामाजिक व्यवस्था की स्थापना को संविधान की मूल संरचना के रूप में माना गया था। आदिवासी अधिकारों के लिए दक्षिण भारत के एक एनजीओ समता ने भारत के सर्वोच्च न्यायालय में एक विशेष अवकाश याचिका दायर की और सुप्रीम कोर्ट ने 1997 में यह निर्णय सुनाया कि आदिवासियों की भूमि और वन भूमि को गैर-आदिवासियों या निजी कंपनियों को खनन या औद्योगिक दुनिया के लिए पट्टे पर नहीं दिया जा सकता है, ऐसे काम केवल आदिवासी या सरकारी उपक्रम ही कर सकते हैं।