Correct Answer:
Option D - संज्ञानात्मक विकास जन्म से लेकर युवा होने तक निरन्तर चलने वाली प्रक्रिया है जिसमें बालक धीरे-धीरे संज्ञानात्मक विकास की निम्न अवस्था से उच्च अवस्था की ओर बढ़ता है साथ ही खेलने से बालक में सहयोगात्मक एवं प्रतिस्पद्र्धात्मक भावना का भी विकास होता है। अत: बालक का खेलना संज्ञान और सामाजिक दक्षता के लिए आवश्यक है।
D. संज्ञानात्मक विकास जन्म से लेकर युवा होने तक निरन्तर चलने वाली प्रक्रिया है जिसमें बालक धीरे-धीरे संज्ञानात्मक विकास की निम्न अवस्था से उच्च अवस्था की ओर बढ़ता है साथ ही खेलने से बालक में सहयोगात्मक एवं प्रतिस्पद्र्धात्मक भावना का भी विकास होता है। अत: बालक का खेलना संज्ञान और सामाजिक दक्षता के लिए आवश्यक है।