Correct Answer:
Option B - प्रस्तुत श्लोक `अभिज्ञानशाकुन्तलम्' नाटक के छठवें अङ्क का 31वां श्लोक है। यह श्लोक मातलि से सम्बन्धित है। इसका तात्पर्य है, ``अग्नि लड़कियों को हिला देने से धधक उठती है। साँप छेड़ने पर फन फैलाता है (इसी प्रकार) तेजस्वी पुरुष उत्तेजना पाने पर प्राय: (अपना) तेज प्रकट करता है।''
B. प्रस्तुत श्लोक `अभिज्ञानशाकुन्तलम्' नाटक के छठवें अङ्क का 31वां श्लोक है। यह श्लोक मातलि से सम्बन्धित है। इसका तात्पर्य है, ``अग्नि लड़कियों को हिला देने से धधक उठती है। साँप छेड़ने पर फन फैलाता है (इसी प्रकार) तेजस्वी पुरुष उत्तेजना पाने पर प्राय: (अपना) तेज प्रकट करता है।''