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Q: जैविक उर्वरकों का मुख्य कार्य क्या होता है?
  • A. रासायनिक प्रक्रिया की वृद्धि करना
  • B. दैहिक क्रिया को बढ़ाना
  • C. जैविक क्रिया को बढ़ाना
  • D. प्रकाश संश्लेषण क्रिया को बढ़ाना
Correct Answer: Option C - पोषक तत्व की उपलब्धता बढ़ाने वाले सूक्ष्म जीवों की क्रिया में वृद्धि लाने जैसे नाइट्रोजन स्थिरीकरण, फास्फोरस घोलक वाले सूक्ष्म जीवों को बीज, मिट्टी या कम्पोस्ट के साथ उपचारित किया जाता है जिसे जैव उर्वरक कहते हैं। जैव उर्वरक मृदा मेंं उपस्थित सूक्ष्मजीवों की जैविक क्रियाओं को बढ़ा देते हैं जिससे मृदा की गुणवत्ता बढ़ जाती है।
C. पोषक तत्व की उपलब्धता बढ़ाने वाले सूक्ष्म जीवों की क्रिया में वृद्धि लाने जैसे नाइट्रोजन स्थिरीकरण, फास्फोरस घोलक वाले सूक्ष्म जीवों को बीज, मिट्टी या कम्पोस्ट के साथ उपचारित किया जाता है जिसे जैव उर्वरक कहते हैं। जैव उर्वरक मृदा मेंं उपस्थित सूक्ष्मजीवों की जैविक क्रियाओं को बढ़ा देते हैं जिससे मृदा की गुणवत्ता बढ़ जाती है।

Explanations:

पोषक तत्व की उपलब्धता बढ़ाने वाले सूक्ष्म जीवों की क्रिया में वृद्धि लाने जैसे नाइट्रोजन स्थिरीकरण, फास्फोरस घोलक वाले सूक्ष्म जीवों को बीज, मिट्टी या कम्पोस्ट के साथ उपचारित किया जाता है जिसे जैव उर्वरक कहते हैं। जैव उर्वरक मृदा मेंं उपस्थित सूक्ष्मजीवों की जैविक क्रियाओं को बढ़ा देते हैं जिससे मृदा की गुणवत्ता बढ़ जाती है।