Correct Answer:
Option A - डॉ. ब्लाख के अनुसार इस गुफा के लेख तीसरी शताब्दी ई. पू. के हैं और यहाँ के चित्रों की शैली समकालीन भरहुत और सांची की मूर्तिकला से साम्यता रखती है। कुछ विद्वानों में इन गुफाओं एवं इनके विषयों को लेकर मतभेद है।
A. डॉ. ब्लाख के अनुसार इस गुफा के लेख तीसरी शताब्दी ई. पू. के हैं और यहाँ के चित्रों की शैली समकालीन भरहुत और सांची की मूर्तिकला से साम्यता रखती है। कुछ विद्वानों में इन गुफाओं एवं इनके विषयों को लेकर मतभेद है।