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Q: जब भाषा सीखने की प्रक्रिया बच्चे के दैनिक जीवन की जरूरतों से जुड़ी हो, तो -
  • A. भाषा सीखना सार्थक होता है
  • B. भाषा सीखना निरर्थक होता है
  • C. भाषा सीखना कठिन हो जाता है
  • D. बच्चों को विशुद्ध मनोरंजन की प्राप्ति होती है
Correct Answer: Option A - जब भाषा सीखने की प्रक्रिया बच्चों के दैनिक जीवन की जरूरतों से जुड़ी हो, तो भाषा सीखना सार्थक होता है। बच्चों की रूचि प्राय: उसी भाषा में होती है जो उसके आसपास प्रयुक्त होती है अत: वह अपनी जरूरतों के हिसाब से भाषा सीखता है। जो उसके लिए सार्थक होती है।
A. जब भाषा सीखने की प्रक्रिया बच्चों के दैनिक जीवन की जरूरतों से जुड़ी हो, तो भाषा सीखना सार्थक होता है। बच्चों की रूचि प्राय: उसी भाषा में होती है जो उसके आसपास प्रयुक्त होती है अत: वह अपनी जरूरतों के हिसाब से भाषा सीखता है। जो उसके लिए सार्थक होती है।

Explanations:

जब भाषा सीखने की प्रक्रिया बच्चों के दैनिक जीवन की जरूरतों से जुड़ी हो, तो भाषा सीखना सार्थक होता है। बच्चों की रूचि प्राय: उसी भाषा में होती है जो उसके आसपास प्रयुक्त होती है अत: वह अपनी जरूरतों के हिसाब से भाषा सीखता है। जो उसके लिए सार्थक होती है।