Correct Answer:
Option A - ‘‘सहस्त्रगुणमुत्स्रष्टुमादत्ते हि रसं रवि:’’ - सूक्ति रघुवंश की है। सूर्य सहस्रगुना (हजार गुना) बरसाने के लिए ही जल लेता है। महाकवि कालिदास द्वारा विरचित ‘रघुवंशम्’ महाकाव्य 19 सर्गों में विभक्त है जिसमें 31 राजाओं का वर्णन किया गया है।
A. ‘‘सहस्त्रगुणमुत्स्रष्टुमादत्ते हि रसं रवि:’’ - सूक्ति रघुवंश की है। सूर्य सहस्रगुना (हजार गुना) बरसाने के लिए ही जल लेता है। महाकवि कालिदास द्वारा विरचित ‘रघुवंशम्’ महाकाव्य 19 सर्गों में विभक्त है जिसमें 31 राजाओं का वर्णन किया गया है।