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Q: Indian Statutory Commission 1928 was headed by –––./भारतीय सांविधिक आयोग 1928 की अध्यक्षता किसने की?
  • A. Daniel RadCliffe/डेनियल रेडक्लिफ
  • B. Viceroy Lord Irwin/वायसराय लॉर्ड इरविन
  • C. Sir John Simon/सर जॉन साइमन
  • D. Viceroy Lord Chelmsford/वायसराय लॉर्ड चेम्सफोर्ड
Correct Answer: Option C - वर्ष 1928 में जब जॉन साइमन को भारतीय संविधिक आयोग का अध्यक्ष बनाकर भारत भेजा गया तो सामान्यत: इस आयोग को साइमन आयोग की संज्ञा दी गई। साइमन कमीशन की नियुक्ति राज्य सचिव बर्केनहेड ने 1927 में की थी। सर जॉन साइमन की अध्यक्षता में गठित साइमन आयोग भारत पहुँचा। इसमें सात सदस्य थे। सातों सदस्यों का अंग्रेज होना ही विरोध का कारण बना, इसलिए इसे ‘श्वेत कमीशन’ कहकर इसका बहिष्कार किया गया। 27 दिसम्बर, 1927 ई. को मद्रास में हुए कांग्रेस के अधिवेशन में साइमन कमीशन के पूर्ण बहिष्कार का निर्णय लिया गया, जिसकी अध्यक्षता एम. ए. अन्सारी ने की थी। सम्पूर्ण भारत में विरोध हुआ। साइमन कमीशन 1928 में भारत पहुँचा, जहाँ-जहाँ आयोग गया वहाँ-वहाँ ‘साइमन गो बैक’ का नारा दिया गया और देशव्यापी हड़ताल का आयोजन किया गया। 1928-29 के बीच कमीशन ने भारत की दो बार यात्रा की। आयोग ने मई, 1930 में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की जिस पर लंदन में आयोजित गोलमेज सम्मेलन में विचार होना था।
C. वर्ष 1928 में जब जॉन साइमन को भारतीय संविधिक आयोग का अध्यक्ष बनाकर भारत भेजा गया तो सामान्यत: इस आयोग को साइमन आयोग की संज्ञा दी गई। साइमन कमीशन की नियुक्ति राज्य सचिव बर्केनहेड ने 1927 में की थी। सर जॉन साइमन की अध्यक्षता में गठित साइमन आयोग भारत पहुँचा। इसमें सात सदस्य थे। सातों सदस्यों का अंग्रेज होना ही विरोध का कारण बना, इसलिए इसे ‘श्वेत कमीशन’ कहकर इसका बहिष्कार किया गया। 27 दिसम्बर, 1927 ई. को मद्रास में हुए कांग्रेस के अधिवेशन में साइमन कमीशन के पूर्ण बहिष्कार का निर्णय लिया गया, जिसकी अध्यक्षता एम. ए. अन्सारी ने की थी। सम्पूर्ण भारत में विरोध हुआ। साइमन कमीशन 1928 में भारत पहुँचा, जहाँ-जहाँ आयोग गया वहाँ-वहाँ ‘साइमन गो बैक’ का नारा दिया गया और देशव्यापी हड़ताल का आयोजन किया गया। 1928-29 के बीच कमीशन ने भारत की दो बार यात्रा की। आयोग ने मई, 1930 में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की जिस पर लंदन में आयोजित गोलमेज सम्मेलन में विचार होना था।

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वर्ष 1928 में जब जॉन साइमन को भारतीय संविधिक आयोग का अध्यक्ष बनाकर भारत भेजा गया तो सामान्यत: इस आयोग को साइमन आयोग की संज्ञा दी गई। साइमन कमीशन की नियुक्ति राज्य सचिव बर्केनहेड ने 1927 में की थी। सर जॉन साइमन की अध्यक्षता में गठित साइमन आयोग भारत पहुँचा। इसमें सात सदस्य थे। सातों सदस्यों का अंग्रेज होना ही विरोध का कारण बना, इसलिए इसे ‘श्वेत कमीशन’ कहकर इसका बहिष्कार किया गया। 27 दिसम्बर, 1927 ई. को मद्रास में हुए कांग्रेस के अधिवेशन में साइमन कमीशन के पूर्ण बहिष्कार का निर्णय लिया गया, जिसकी अध्यक्षता एम. ए. अन्सारी ने की थी। सम्पूर्ण भारत में विरोध हुआ। साइमन कमीशन 1928 में भारत पहुँचा, जहाँ-जहाँ आयोग गया वहाँ-वहाँ ‘साइमन गो बैक’ का नारा दिया गया और देशव्यापी हड़ताल का आयोजन किया गया। 1928-29 के बीच कमीशन ने भारत की दो बार यात्रा की। आयोग ने मई, 1930 में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की जिस पर लंदन में आयोजित गोलमेज सम्मेलन में विचार होना था।