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Q: इनमें से व्यक्तिवाचक संज्ञा नहीं है
  • A. त्रिपिटक
  • B. भारत
  • C. लेखक
  • D. गंगा
Correct Answer: Option C - इनमें से ‘लेखक’ व्यक्तिवाचक संज्ञा नहीं है। बल्कि जातिवाचक संज्ञा है। त्रिपिटक, भारत, गंगा ये सभी व्यक्तिवाचक संज्ञा है। संज्ञा– किसी जाति, द्रव्य, गुण, भाव, व्यक्ति, स्थान और क्रिया आदि के नाम को संज्ञा कहते है। व्यक्तिवाचक संज्ञा– जिस शब्द से किसी एक ही व्यक्ति या वस्तु का बोध हो, उसे व्यक्तिवाचक ‘संज्ञा’ कहते है। जैसे– राम, काशी, त्रिपिटक, भारत, गंगा, लखनऊ, संध्या, प्रशांत महासागर, हिमालय, रक्षाबंधन, भारतीय, दीवाली, अमेरिकी, पानीपत की पहली लड़ाई इत्यादि। जातिवाचक संज्ञा– जिस संज्ञा से किसी जाति के सम्पूर्ण पदार्थों व उनके समूहों का बोध होता है, उसे जातिवाचक संज्ञा कहते हैं। जैसे– मनुष्य, नदी, लेखक, पहाड़, सभा, गाय, तोता, भूकम्प, वर्षा, तूफान, प्रोफेसर, कुर्सी, मकान, घड़ी, टेबल इत्यादि।
C. इनमें से ‘लेखक’ व्यक्तिवाचक संज्ञा नहीं है। बल्कि जातिवाचक संज्ञा है। त्रिपिटक, भारत, गंगा ये सभी व्यक्तिवाचक संज्ञा है। संज्ञा– किसी जाति, द्रव्य, गुण, भाव, व्यक्ति, स्थान और क्रिया आदि के नाम को संज्ञा कहते है। व्यक्तिवाचक संज्ञा– जिस शब्द से किसी एक ही व्यक्ति या वस्तु का बोध हो, उसे व्यक्तिवाचक ‘संज्ञा’ कहते है। जैसे– राम, काशी, त्रिपिटक, भारत, गंगा, लखनऊ, संध्या, प्रशांत महासागर, हिमालय, रक्षाबंधन, भारतीय, दीवाली, अमेरिकी, पानीपत की पहली लड़ाई इत्यादि। जातिवाचक संज्ञा– जिस संज्ञा से किसी जाति के सम्पूर्ण पदार्थों व उनके समूहों का बोध होता है, उसे जातिवाचक संज्ञा कहते हैं। जैसे– मनुष्य, नदी, लेखक, पहाड़, सभा, गाय, तोता, भूकम्प, वर्षा, तूफान, प्रोफेसर, कुर्सी, मकान, घड़ी, टेबल इत्यादि।

Explanations:

इनमें से ‘लेखक’ व्यक्तिवाचक संज्ञा नहीं है। बल्कि जातिवाचक संज्ञा है। त्रिपिटक, भारत, गंगा ये सभी व्यक्तिवाचक संज्ञा है। संज्ञा– किसी जाति, द्रव्य, गुण, भाव, व्यक्ति, स्थान और क्रिया आदि के नाम को संज्ञा कहते है। व्यक्तिवाचक संज्ञा– जिस शब्द से किसी एक ही व्यक्ति या वस्तु का बोध हो, उसे व्यक्तिवाचक ‘संज्ञा’ कहते है। जैसे– राम, काशी, त्रिपिटक, भारत, गंगा, लखनऊ, संध्या, प्रशांत महासागर, हिमालय, रक्षाबंधन, भारतीय, दीवाली, अमेरिकी, पानीपत की पहली लड़ाई इत्यादि। जातिवाचक संज्ञा– जिस संज्ञा से किसी जाति के सम्पूर्ण पदार्थों व उनके समूहों का बोध होता है, उसे जातिवाचक संज्ञा कहते हैं। जैसे– मनुष्य, नदी, लेखक, पहाड़, सभा, गाय, तोता, भूकम्प, वर्षा, तूफान, प्रोफेसर, कुर्सी, मकान, घड़ी, टेबल इत्यादि।