Correct Answer:
Option A - ‘चौपाई’ सममात्रिक छंद के अंतर्गत आता है। इसमें 4 (चार) चरण होते हैं तथा प्रत्येक चरण में 16-16 मात्राएँ होती हैं। पहले चरण की तुक दूसरे से तथा तीसरे चरण की तुक चौथे से मिलती है। प्रत्येक चरण के अंत में यति होता है।
A. ‘चौपाई’ सममात्रिक छंद के अंतर्गत आता है। इसमें 4 (चार) चरण होते हैं तथा प्रत्येक चरण में 16-16 मात्राएँ होती हैं। पहले चरण की तुक दूसरे से तथा तीसरे चरण की तुक चौथे से मिलती है। प्रत्येक चरण के अंत में यति होता है।