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  • A. प्रेमचंद की डायरी से
  • B. प्रेमचंद के पत्रों से
  • C. पुस्तक-पत्रिकाओं में प्रकाशित संस्मरणों से
  • D. मुंशी जी की सर्विस बुक से
Correct Answer: Option A - ‘कलम का सिपाही’ लिखने में जीवनीकार को प्रेमचंद की डायरी से मदद नहीं मिली। जबकि प्रेमचंद के पत्रों से, पुस्तक-पत्रिकाओं के संस्मरण से तथा मुंशी जी के सर्विस बुक से जीवनीकार को जीवनी लिखने में मदद मिली। ‘कलम का सिपाही’ (1948 ई.) जीवनी के लेखक अमृतराय हैं। इस कृति पर 1963 ई. में अमृतराय को साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त हुआ। प्रेमचंद की जीवनी लिखने वाले अन्य लेखक हैं – जीवनी जीवनीकार प्रकाशन वर्ष प्रेमचंद घर में शिवरानी देवी 1944 ई. कलम का मजदूर मदन गोपाल 1964 ई.
A. ‘कलम का सिपाही’ लिखने में जीवनीकार को प्रेमचंद की डायरी से मदद नहीं मिली। जबकि प्रेमचंद के पत्रों से, पुस्तक-पत्रिकाओं के संस्मरण से तथा मुंशी जी के सर्विस बुक से जीवनीकार को जीवनी लिखने में मदद मिली। ‘कलम का सिपाही’ (1948 ई.) जीवनी के लेखक अमृतराय हैं। इस कृति पर 1963 ई. में अमृतराय को साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त हुआ। प्रेमचंद की जीवनी लिखने वाले अन्य लेखक हैं – जीवनी जीवनीकार प्रकाशन वर्ष प्रेमचंद घर में शिवरानी देवी 1944 ई. कलम का मजदूर मदन गोपाल 1964 ई.

Explanations:

‘कलम का सिपाही’ लिखने में जीवनीकार को प्रेमचंद की डायरी से मदद नहीं मिली। जबकि प्रेमचंद के पत्रों से, पुस्तक-पत्रिकाओं के संस्मरण से तथा मुंशी जी के सर्विस बुक से जीवनीकार को जीवनी लिखने में मदद मिली। ‘कलम का सिपाही’ (1948 ई.) जीवनी के लेखक अमृतराय हैं। इस कृति पर 1963 ई. में अमृतराय को साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त हुआ। प्रेमचंद की जीवनी लिखने वाले अन्य लेखक हैं – जीवनी जीवनीकार प्रकाशन वर्ष प्रेमचंद घर में शिवरानी देवी 1944 ई. कलम का मजदूर मदन गोपाल 1964 ई.