Correct Answer:
Option D - जब सोडियम का एक परमाणु क्लोरिन के एक परमाणु के साथ अभिक्रिया करके सोडियम क्लोराइड बनाता है, तो प्रत्येक सोडियम परमाणु एक इलेक्ट्रॉन खोता है। जिससे सोडियम के धनायन (Na⁺) और क्लोराइड के ऋणायन (cl⁻) का निर्माण करती है। सभी आयनों में पूर्ण संयोजकता कोश होते हैं। यह एक उष्माक्षेपी अभिक्रिया होती है, जिसमें पीली रोशनी और अत्यधिक ऊर्जा बाहर निकलती है।
2Na + Cl₂ — 2NaCl
सोडियम के बाह्य कोश में एक इलेक्ट्रॉन जबकि क्लोरीन के संयोजकता कोश में सात इलेक्ट्रॉन होते हैं।
D. जब सोडियम का एक परमाणु क्लोरिन के एक परमाणु के साथ अभिक्रिया करके सोडियम क्लोराइड बनाता है, तो प्रत्येक सोडियम परमाणु एक इलेक्ट्रॉन खोता है। जिससे सोडियम के धनायन (Na⁺) और क्लोराइड के ऋणायन (cl⁻) का निर्माण करती है। सभी आयनों में पूर्ण संयोजकता कोश होते हैं। यह एक उष्माक्षेपी अभिक्रिया होती है, जिसमें पीली रोशनी और अत्यधिक ऊर्जा बाहर निकलती है।
2Na + Cl₂ — 2NaCl
सोडियम के बाह्य कोश में एक इलेक्ट्रॉन जबकि क्लोरीन के संयोजकता कोश में सात इलेक्ट्रॉन होते हैं।