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Q: असंख्य छोटे पिंड जो सूर्य का चक्कर लगाते हैं तथा मंगल व बृहस्पतिग्रह की कक्षाओं के बीच पाए जाते हैं, वे कहलाते हैं–
  • A. उपग्रह
  • B. उल्कापिंड
  • C. धूमकेतु
  • D. क्षुद्र ग्रह
Correct Answer: Option D - असंख्य छोटे पिंड जो सूर्य का चक्कर लगाते हैं तथा मंगल व बृहस्पति की कक्षाओं के बीच पाए जाते हैं, क्षुद्र कहलाते हैं। ये ग्रहों से छोटे किन्तु उल्कापिण्ड से बड़े होते है। क्षुद्र ग्रह सूर्य के चारों तरफ अन्य ग्रहों के समान ही दीर्घवृत्तीय कक्षा में पश्चिम से पूर्व (घड़ी की सुई के विपरीत) दिशा में परिक्रमा करते है। ‘सेरेस’ सबसे बड़ा एवं सर्वाधिक चमकीला क्षुद्र ग्रह है।
D. असंख्य छोटे पिंड जो सूर्य का चक्कर लगाते हैं तथा मंगल व बृहस्पति की कक्षाओं के बीच पाए जाते हैं, क्षुद्र कहलाते हैं। ये ग्रहों से छोटे किन्तु उल्कापिण्ड से बड़े होते है। क्षुद्र ग्रह सूर्य के चारों तरफ अन्य ग्रहों के समान ही दीर्घवृत्तीय कक्षा में पश्चिम से पूर्व (घड़ी की सुई के विपरीत) दिशा में परिक्रमा करते है। ‘सेरेस’ सबसे बड़ा एवं सर्वाधिक चमकीला क्षुद्र ग्रह है।

Explanations:

असंख्य छोटे पिंड जो सूर्य का चक्कर लगाते हैं तथा मंगल व बृहस्पति की कक्षाओं के बीच पाए जाते हैं, क्षुद्र कहलाते हैं। ये ग्रहों से छोटे किन्तु उल्कापिण्ड से बड़े होते है। क्षुद्र ग्रह सूर्य के चारों तरफ अन्य ग्रहों के समान ही दीर्घवृत्तीय कक्षा में पश्चिम से पूर्व (घड़ी की सुई के विपरीत) दिशा में परिक्रमा करते है। ‘सेरेस’ सबसे बड़ा एवं सर्वाधिक चमकीला क्षुद्र ग्रह है।