Correct Answer:
Option D - व्याख्या ‘वियोगी हरि’ कवि सतसईकार है। इनका पूरा नाम हरिप्रसाद द्विवेदी था। इन्होंने ‘वीरसतसई’ नामक कृति की रचना की है, जिस पर इन्हें मंगला प्रसाद पारितोषिक प्राप्त हुआ था। इनके रचित काव्य हैं- प्रेमशतक, प्रेमांजलि, वीणा, प्रेमपथिक मेवाड़-केशरी तथा गद्य काव्य- अन्तर्नांद, तरंग, प्रार्थना, श्रद्धाकण, पगली इत्यादि।
D. व्याख्या ‘वियोगी हरि’ कवि सतसईकार है। इनका पूरा नाम हरिप्रसाद द्विवेदी था। इन्होंने ‘वीरसतसई’ नामक कृति की रचना की है, जिस पर इन्हें मंगला प्रसाद पारितोषिक प्राप्त हुआ था। इनके रचित काव्य हैं- प्रेमशतक, प्रेमांजलि, वीणा, प्रेमपथिक मेवाड़-केशरी तथा गद्य काव्य- अन्तर्नांद, तरंग, प्रार्थना, श्रद्धाकण, पगली इत्यादि।