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Q: .
  • A. गाँवों की दुनिया
  • B. नया गांव नाम
  • C. गाँव का मन
  • D. गँवई गंध गुलाब
Correct Answer: Option C - गाँवों की दुनिया (1957ई.), गँवई गंध गुलाब तथा नया गाँव नाम (1984ई.) विवेकी राय के निबन्ध संग्रह हैं जबकि ‘गाँव का मन’ (1985ई.) विद्यानिवास मिश्र का निबन्ध है न कि विवेकीराय का। विद्यानिवास मिश्र के अन्य प्रमुख निबंध- छितवन की छाँह, हल्दी दूब, कदम की फूली डाल, तुम चंदन हम पानी, मेरे राम का मुकुट भीग रहा है, कौन तू फूलवा बीन निहारी, भ्रमरानंद के पत्र, अंगद की नियति, देश धर्म और साहित्य, शिरीष की याद आई आदि।
C. गाँवों की दुनिया (1957ई.), गँवई गंध गुलाब तथा नया गाँव नाम (1984ई.) विवेकी राय के निबन्ध संग्रह हैं जबकि ‘गाँव का मन’ (1985ई.) विद्यानिवास मिश्र का निबन्ध है न कि विवेकीराय का। विद्यानिवास मिश्र के अन्य प्रमुख निबंध- छितवन की छाँह, हल्दी दूब, कदम की फूली डाल, तुम चंदन हम पानी, मेरे राम का मुकुट भीग रहा है, कौन तू फूलवा बीन निहारी, भ्रमरानंद के पत्र, अंगद की नियति, देश धर्म और साहित्य, शिरीष की याद आई आदि।

Explanations:

गाँवों की दुनिया (1957ई.), गँवई गंध गुलाब तथा नया गाँव नाम (1984ई.) विवेकी राय के निबन्ध संग्रह हैं जबकि ‘गाँव का मन’ (1985ई.) विद्यानिवास मिश्र का निबन्ध है न कि विवेकीराय का। विद्यानिवास मिश्र के अन्य प्रमुख निबंध- छितवन की छाँह, हल्दी दूब, कदम की फूली डाल, तुम चंदन हम पानी, मेरे राम का मुकुट भीग रहा है, कौन तू फूलवा बीन निहारी, भ्रमरानंद के पत्र, अंगद की नियति, देश धर्म और साहित्य, शिरीष की याद आई आदि।