Correct Answer:
Option A - सोनार अधिकांशत: नाविकों द्वारा प्रयोग में लाया जाता है। इसका प्रयोग समुद्र विज्ञान, मछली पकड़ने, गहराई का पता, समुद्र तल का मानचित्र लेने तथा गोताखोरों के लिए ध्वनिक स्थल का निर्धारण करने के लिए किया जाता है। सोनार (साउंड नेविगेशन और रेंजिंग) ध्वनि तरंगों के परावर्तन के सिद्धांत पर काम करता है, इसमें पराश्रव्य तरंगों का इस्तेमाल होता है।
A. सोनार अधिकांशत: नाविकों द्वारा प्रयोग में लाया जाता है। इसका प्रयोग समुद्र विज्ञान, मछली पकड़ने, गहराई का पता, समुद्र तल का मानचित्र लेने तथा गोताखोरों के लिए ध्वनिक स्थल का निर्धारण करने के लिए किया जाता है। सोनार (साउंड नेविगेशन और रेंजिंग) ध्वनि तरंगों के परावर्तन के सिद्धांत पर काम करता है, इसमें पराश्रव्य तरंगों का इस्तेमाल होता है।