Correct Answer:
Option C - स्तम्भ मौर्ययुगीन वास्तु कला के सबसे अच्छे उदाहरण है। सर जॉन मार्शल, पर्सी ब्राउन, स्टेला कैम्रिश जैसे विद्वान ईरानी स्तम्भों की अनुकृति बताते है। अशोक के स्तम्भ सांची, सारनाथ, लौरिया नन्दनगढ़, रामपुरवा, सकिशा, बसाढ़ आदि स्थानों पर पाये गये है सारनाथ के स्तम्भ का सिंहशीर्ष सर्वोत्कृष्ट है इसके फलक पर चार संजीव सिंह पीठ से पीठ सटाये हुए तथा चारों दिशाओं की ओर मुँह किये हुए दृढ़तापूर्वक बैठे हैं। सारनाथ स्तम्भ पर चार पशुओं गज, अश्व, बैल तथा सिंह की आकृतियाँ उत्कीर्ण है। जिन्हें चलती हुई अवस्था में दिखाया गया है। अशोक के स्तम्भों की संख्या निश्चित नहीं है लेकिन यह लगभग तीस रही होगी। इनमें से पन्द्रह सुरक्षित है अन्य नष्ट हो गये हैं। लौरिया नन्दनगढ़ का स्तम्भ लेख सबसे सुरक्षित अवस्था में है।
C. स्तम्भ मौर्ययुगीन वास्तु कला के सबसे अच्छे उदाहरण है। सर जॉन मार्शल, पर्सी ब्राउन, स्टेला कैम्रिश जैसे विद्वान ईरानी स्तम्भों की अनुकृति बताते है। अशोक के स्तम्भ सांची, सारनाथ, लौरिया नन्दनगढ़, रामपुरवा, सकिशा, बसाढ़ आदि स्थानों पर पाये गये है सारनाथ के स्तम्भ का सिंहशीर्ष सर्वोत्कृष्ट है इसके फलक पर चार संजीव सिंह पीठ से पीठ सटाये हुए तथा चारों दिशाओं की ओर मुँह किये हुए दृढ़तापूर्वक बैठे हैं। सारनाथ स्तम्भ पर चार पशुओं गज, अश्व, बैल तथा सिंह की आकृतियाँ उत्कीर्ण है। जिन्हें चलती हुई अवस्था में दिखाया गया है। अशोक के स्तम्भों की संख्या निश्चित नहीं है लेकिन यह लगभग तीस रही होगी। इनमें से पन्द्रह सुरक्षित है अन्य नष्ट हो गये हैं। लौरिया नन्दनगढ़ का स्तम्भ लेख सबसे सुरक्षित अवस्था में है।