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Q: ‘योगस्थ: कुरु कर्माणि’ श्लोकांशे वर्णितम्?
  • A. तत्त्वम्
  • B. सत्यम्
  • C. संसारभुक्तम्
  • D. अनासक्ततया कर्म
Correct Answer: Option D - ‘योगस्थ: कुरु कर्माणि’ यह श्लोकांश का वर्णन गीता के द्वितीय अध्याय में अनासक्त कर्म नामक प्रकरण में दिया है।
D. ‘योगस्थ: कुरु कर्माणि’ यह श्लोकांश का वर्णन गीता के द्वितीय अध्याय में अनासक्त कर्म नामक प्रकरण में दिया है।

Explanations:

‘योगस्थ: कुरु कर्माणि’ यह श्लोकांश का वर्णन गीता के द्वितीय अध्याय में अनासक्त कर्म नामक प्रकरण में दिया है।