Correct Answer:
Option A - एस्केनाइड प्रकार के नाल तन्त्र सबसे सरल होती है। यह प्राय: ल्यूकोसोलीनिया में पाई जाती है। इस नाल तन्त्र में बहता जल आस्टिया से स्पंजगुहा में आती है और ऑस्कुलम के द्वारा बाहर निकलती है इस नाल तन्त्र के आन्तरिक भाग में Choanocytes कोशिकाये स्पंजगुहा को चारो तरफ से घेरे रहती है जो जल के प्रवाह को बनाये रखती है तथा उनमें उपस्थित खाद्य पदार्थो का भक्षण करती रहती है।
A. एस्केनाइड प्रकार के नाल तन्त्र सबसे सरल होती है। यह प्राय: ल्यूकोसोलीनिया में पाई जाती है। इस नाल तन्त्र में बहता जल आस्टिया से स्पंजगुहा में आती है और ऑस्कुलम के द्वारा बाहर निकलती है इस नाल तन्त्र के आन्तरिक भाग में Choanocytes कोशिकाये स्पंजगुहा को चारो तरफ से घेरे रहती है जो जल के प्रवाह को बनाये रखती है तथा उनमें उपस्थित खाद्य पदार्थो का भक्षण करती रहती है।