Correct Answer:
Option C - अनेक प्रकार के कीटनाशक पदार्थ रवरपतवारनाशी व अन्य क्लोरीन युक्त ऐसे पदार्थ हैं जिनका जीवधारियों द्वारा बहुत कम विघटन होता है, अर्थात ये अक्षयकारी (Non- biodeggradable) होते है। इनका उपयोग कृषि की उपज बढ़ाने के लिए किया जाता है। ये पदार्थ खाद्य शृंखला के द्वारा पौधों व जंतुओं के शरीर में पहुच जाते है और वहीं पर संचित होते रहते है। इनकी सीघ्रता प्रत्येक ट्रॉफिक स्तर पर बढ़ती जाती है और उच्च उपभोक्ता में अधिकतम हो जाती है, इस क्रिया को जैविक आवर्धन (BIological magnification) कहते है।
उदाहारणार्थ - DDT, BHC आदि कीट नाशक पदार्थ मानव शरीर में शृंखला के माध्यम से पहुंचकर विषैला प्रभाव दिखाते है।
C. अनेक प्रकार के कीटनाशक पदार्थ रवरपतवारनाशी व अन्य क्लोरीन युक्त ऐसे पदार्थ हैं जिनका जीवधारियों द्वारा बहुत कम विघटन होता है, अर्थात ये अक्षयकारी (Non- biodeggradable) होते है। इनका उपयोग कृषि की उपज बढ़ाने के लिए किया जाता है। ये पदार्थ खाद्य शृंखला के द्वारा पौधों व जंतुओं के शरीर में पहुच जाते है और वहीं पर संचित होते रहते है। इनकी सीघ्रता प्रत्येक ट्रॉफिक स्तर पर बढ़ती जाती है और उच्च उपभोक्ता में अधिकतम हो जाती है, इस क्रिया को जैविक आवर्धन (BIological magnification) कहते है।
उदाहारणार्थ - DDT, BHC आदि कीट नाशक पदार्थ मानव शरीर में शृंखला के माध्यम से पहुंचकर विषैला प्रभाव दिखाते है।