Correct Answer:
Option C - प्रयोगशाला में विकसित हीरे (एल.जी.डी.) के सन्दर्भ में हीरे के बीज के रूप में ग्रेफाइट का प्रयोग किया जाता है। हीरे को कृत्रिम रूप से उगाने की एचपीएचटी और सीवीडी दो विधियाँ है दोनों विधियों में एक बीज से तथा दूसरे हीरे के एक टुकड़े से शुरु होती है।
एचपीएचटी विधि में बीज शुद्ध ग्रेफाइट कार्बन के साथ लगभग 1500 डिग्री सेल्सियम तापमान और अत्यधिक उच्च दबाव के संपर्क ये आता है। सीबीडी विधि में बीज को कार्बन युक्त गैस से भरे एक सील बंद कक्ष के अंदर लगभग 800 डिग्री सेल्सियस तक गर्म किया जाता है। जिससे गैस बीज से चिपक जाती है और धीरे-धीरे हीरा बनता है।
C. प्रयोगशाला में विकसित हीरे (एल.जी.डी.) के सन्दर्भ में हीरे के बीज के रूप में ग्रेफाइट का प्रयोग किया जाता है। हीरे को कृत्रिम रूप से उगाने की एचपीएचटी और सीवीडी दो विधियाँ है दोनों विधियों में एक बीज से तथा दूसरे हीरे के एक टुकड़े से शुरु होती है।
एचपीएचटी विधि में बीज शुद्ध ग्रेफाइट कार्बन के साथ लगभग 1500 डिग्री सेल्सियम तापमान और अत्यधिक उच्च दबाव के संपर्क ये आता है। सीबीडी विधि में बीज को कार्बन युक्त गैस से भरे एक सील बंद कक्ष के अंदर लगभग 800 डिग्री सेल्सियस तक गर्म किया जाता है। जिससे गैस बीज से चिपक जाती है और धीरे-धीरे हीरा बनता है।