Correct Answer:
Option B - ऑक्सी–एसीटिलीन गैस वेल्डिंग में एसीटिलीन गैस का वाल्व पहले खोला जाता है। तथा ऑक्सीजन गैस का वाल्व बाद में खोलते है और बन्द करते समय पहले एसीटिलीन गैस के वाल्व को पहले बन्द करते है और बाद में ऑक्सीजन गैस के वाल्व को बन्द करते है। इन गैसों को टार्च में आवश्यक अनुपात में मिश्रण बनता है। इसके पश्चात् यह मिश्रण से टार्च की नॉजल में से बाहर निकलता है
B. ऑक्सी–एसीटिलीन गैस वेल्डिंग में एसीटिलीन गैस का वाल्व पहले खोला जाता है। तथा ऑक्सीजन गैस का वाल्व बाद में खोलते है और बन्द करते समय पहले एसीटिलीन गैस के वाल्व को पहले बन्द करते है और बाद में ऑक्सीजन गैस के वाल्व को बन्द करते है। इन गैसों को टार्च में आवश्यक अनुपात में मिश्रण बनता है। इसके पश्चात् यह मिश्रण से टार्च की नॉजल में से बाहर निकलता है