search
Q: विनय पत्रिका की भाषा है –
  • A. अवधी
  • B. ब्रजभाषा
  • C. ब्रजमिश्रित अवधी
  • D. खड़ी बोली
Correct Answer: Option B - रामभक्ति शाखा के सर्वप्रमुख कवि गोस्वामी तुलसीदास का ब्रज तथा अवधी दोनों भाषाओं पर अधिकार था। गोस्वामी तुलसीदास ने `विनयपत्रिका', `गीतावली' तथा `कवितावली' की रचना ब्रजभाषा में तथा `रामचरितमानस' की रचना अवधी भाषा में की। तुलसी ने `विनयपत्रिका' की रचना मुक्तक शैली में तथा `रामचरितमानस' की रचना प्रबन्ध शैली में की। तुलसी ने अपनी प्रौढ़तम कृति `विनय पत्रिका' में राम के प्रति दास्य भाव की भक्ति प्रकट की।
B. रामभक्ति शाखा के सर्वप्रमुख कवि गोस्वामी तुलसीदास का ब्रज तथा अवधी दोनों भाषाओं पर अधिकार था। गोस्वामी तुलसीदास ने `विनयपत्रिका', `गीतावली' तथा `कवितावली' की रचना ब्रजभाषा में तथा `रामचरितमानस' की रचना अवधी भाषा में की। तुलसी ने `विनयपत्रिका' की रचना मुक्तक शैली में तथा `रामचरितमानस' की रचना प्रबन्ध शैली में की। तुलसी ने अपनी प्रौढ़तम कृति `विनय पत्रिका' में राम के प्रति दास्य भाव की भक्ति प्रकट की।

Explanations:

रामभक्ति शाखा के सर्वप्रमुख कवि गोस्वामी तुलसीदास का ब्रज तथा अवधी दोनों भाषाओं पर अधिकार था। गोस्वामी तुलसीदास ने `विनयपत्रिका', `गीतावली' तथा `कवितावली' की रचना ब्रजभाषा में तथा `रामचरितमानस' की रचना अवधी भाषा में की। तुलसी ने `विनयपत्रिका' की रचना मुक्तक शैली में तथा `रामचरितमानस' की रचना प्रबन्ध शैली में की। तुलसी ने अपनी प्रौढ़तम कृति `विनय पत्रिका' में राम के प्रति दास्य भाव की भक्ति प्रकट की।