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Q: In humans trisomy of chromosome number 21 is responsible for मानवों में गुणसूत्र संख्या 21 की त्रिगुणसूत्रता उत्तरदायी है
  • A. Haemophilia/हीमोफीलिया के लिए
  • B. Klinefelter Syndrome/क्लाइनफेल्टर सिंड्रोम के लिए
  • C. Down Syndrome/डाउन सिन्ड्रोम के लिए
  • D. Turner Syndrome/टर्नर सिन्ड्रोम के लिए
Correct Answer: Option C - डाउन सिन्ड्रोम एक आनुवंशिक या क्रोमोसोम जनित विकार है। डाउन सिन्ड्रोम में 21वीं जोड़ी के गुणसूत्र दो की जगह तीन होते हैं। इस प्रकार ऐसे व्यक्ति में गुणसूत्रों की संख्या 47होती है। इस सिन्ड्रोम वाला व्यक्ति छोटे कद एवं मंदबुद्धि वाला होता है। इस सिन्ड्रोम को ‘मंगोली जड़ता’ भी कहते हैं। इसी प्रकार टर्नर सिंड्रोम और क्लाइनफेल्टर्स सिन्ड्रोम में भी गुणसूत्रों की संख्या में विभिन्नता के कारण व्यक्ति में कई आनुवंशिक बदलाव देखने को मिलते हैं। • क्लाइनफेल्टर्स सिन्ड्रोम में लिंग गुणसूत्र दो के स्थान पर तीन और प्रायः XXY होते हैं। इसमें एक अतिरिक्त X गुणसूत्र की उपस्थिति के कारण वृषण में शुक्राणु (Sperms) नहीं बनते। ऐसे पुरुष नपुंसक होते हैं। • टर्नर सिंड्रोम में केवल एक X गुणसूत्र पाया जाता है। इनका कद छोटा होता है, जननांग अल्पविकसित तथा वक्ष चपटा होता है अत: ये नपुंसक होते हैं। • हीमोफीलिया भी मनुष्य में होने वाला एक लिंग सहलग्न रोग है। इस रोग से पीडि़त व्यक्ति में चोट के काफी समय के बाद तक भी रक्त लगातार बहता रहता है। यह रोग प्राय: पुरुषों में पाया जाता है। यह रोग भी वंशानुगत द्वारा एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में जाता है।
C. डाउन सिन्ड्रोम एक आनुवंशिक या क्रोमोसोम जनित विकार है। डाउन सिन्ड्रोम में 21वीं जोड़ी के गुणसूत्र दो की जगह तीन होते हैं। इस प्रकार ऐसे व्यक्ति में गुणसूत्रों की संख्या 47होती है। इस सिन्ड्रोम वाला व्यक्ति छोटे कद एवं मंदबुद्धि वाला होता है। इस सिन्ड्रोम को ‘मंगोली जड़ता’ भी कहते हैं। इसी प्रकार टर्नर सिंड्रोम और क्लाइनफेल्टर्स सिन्ड्रोम में भी गुणसूत्रों की संख्या में विभिन्नता के कारण व्यक्ति में कई आनुवंशिक बदलाव देखने को मिलते हैं। • क्लाइनफेल्टर्स सिन्ड्रोम में लिंग गुणसूत्र दो के स्थान पर तीन और प्रायः XXY होते हैं। इसमें एक अतिरिक्त X गुणसूत्र की उपस्थिति के कारण वृषण में शुक्राणु (Sperms) नहीं बनते। ऐसे पुरुष नपुंसक होते हैं। • टर्नर सिंड्रोम में केवल एक X गुणसूत्र पाया जाता है। इनका कद छोटा होता है, जननांग अल्पविकसित तथा वक्ष चपटा होता है अत: ये नपुंसक होते हैं। • हीमोफीलिया भी मनुष्य में होने वाला एक लिंग सहलग्न रोग है। इस रोग से पीडि़त व्यक्ति में चोट के काफी समय के बाद तक भी रक्त लगातार बहता रहता है। यह रोग प्राय: पुरुषों में पाया जाता है। यह रोग भी वंशानुगत द्वारा एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में जाता है।

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डाउन सिन्ड्रोम एक आनुवंशिक या क्रोमोसोम जनित विकार है। डाउन सिन्ड्रोम में 21वीं जोड़ी के गुणसूत्र दो की जगह तीन होते हैं। इस प्रकार ऐसे व्यक्ति में गुणसूत्रों की संख्या 47होती है। इस सिन्ड्रोम वाला व्यक्ति छोटे कद एवं मंदबुद्धि वाला होता है। इस सिन्ड्रोम को ‘मंगोली जड़ता’ भी कहते हैं। इसी प्रकार टर्नर सिंड्रोम और क्लाइनफेल्टर्स सिन्ड्रोम में भी गुणसूत्रों की संख्या में विभिन्नता के कारण व्यक्ति में कई आनुवंशिक बदलाव देखने को मिलते हैं। • क्लाइनफेल्टर्स सिन्ड्रोम में लिंग गुणसूत्र दो के स्थान पर तीन और प्रायः XXY होते हैं। इसमें एक अतिरिक्त X गुणसूत्र की उपस्थिति के कारण वृषण में शुक्राणु (Sperms) नहीं बनते। ऐसे पुरुष नपुंसक होते हैं। • टर्नर सिंड्रोम में केवल एक X गुणसूत्र पाया जाता है। इनका कद छोटा होता है, जननांग अल्पविकसित तथा वक्ष चपटा होता है अत: ये नपुंसक होते हैं। • हीमोफीलिया भी मनुष्य में होने वाला एक लिंग सहलग्न रोग है। इस रोग से पीडि़त व्यक्ति में चोट के काफी समय के बाद तक भी रक्त लगातार बहता रहता है। यह रोग प्राय: पुरुषों में पाया जाता है। यह रोग भी वंशानुगत द्वारा एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में जाता है।